अकेले सरकार नही करेगी मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति: SC

गुरुवार को देश की सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जहाँ पहले CEC औऱ EC की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के हाँथ में होती थी, वहीं अब कोर्ट के आदेश के बाद PM, लोकसभा में विपक्षी दल के नेता और CJI का पैनल इनकी नियुक्ति करेगा।
सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय बेंच ने कहा कि ये कमेटी नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को करेगी। इसके बाद राष्ट्रपति मुहर लगाएंगे। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में साफ कहा कि यह प्रोसेस तब तक लागू रहेगी, जब तक संसद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर कोई कानून नहीं बना लेती। फिलहाल आजादी के बाद से ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए हमारे देश में कोई कानून नही है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह चयन प्रक्रिया CBI डायरेक्टर की तर्ज पर होनी चाहिए।
पिछले कुछ सालों में हुए चुनावों की निष्पक्षता पर लगातार पार्टियों ने सवाल उठाए हैं, और साल 2018 में चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता को लेकर कई याचिकाएं दायर हुईं थीं। जिसे ध्यान में रखकर ही सर्वोच्च न्यायालय ने यह कानून बनाने पर जोर दिया है। जस्टिस के एम जोसेफ ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता जरूरी है, नहीं तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वोट की ताकत सुप्रीम है, इससे मजबूत से मजबूत पार्टियां भी सत्ता हार सकती हैं। इसलिए इलेक्शन कमीशन का स्वतंत्र होना जरूरी है।