खुद को PMO का एडिशनल सेक्रेटरी बताने वाला शातिर ठग गिरफ्तार, खुफिया एजेंसियों पर खड़े हो रहे कई सवाल

जम्मू ब्यूरो
एक व्यक्ति पिछले 4 महीने से सरेआम देश के तमाम बड़े अधिकारियों की आंख में धूल झोक कर जेड प्लस सिक्योरिटी समेत कई सुविधाएं लेता रहा और किसी ने भी उसकी जांच पड़ताल करने की जहमत तक नही उठाई। यही नही ये ठग अधिकारियों को हड़काता, धमकाता और रौब झाड़ता रहा और अधिकारी बड़ी ही मासूमियत से खड़े होकर उसके सारे फरमान सुनते रहे।
आईये अब आपको बताते है कि दरअसल खुद को पीएमओ का एडिशनल सेक्रेटरी बताने वाला ये ठग है कौन? ऊंची क़द-काठी, दिखने में भी रौबदार और दिमाग से बेहद शातिर ये शख्स गुजरात का किरण पटेल है। ये ठग इतना शातिर था कि इसने अपने रंग-रूप और कद का फायदा उठाते हुए जम्मू- कश्मीर में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से अफ़सरों के साथ कई मीटिंग्स भी कीं। उस बीच ये ठग जब भी जम्मू- कश्मीर के दौरे पर जाता तो अपने ट्विटर हैंडल पर वहाँ के कई फोटो और वीडियो भी पोस्ट करता रहा। बावजूद इसके किसी भी अधिकारी ने इसके बारे में कोई भी जानकारी जुटाना उचित नही समझा।
ऐसे में अब सवाल ये खड़ा होता है कि पिछले चार महीने तक उससे किसी ने परिचय पत्र नहीं माँगा, आई कॉर्ड नहीं देखा और सब के सब उसकी बातें मानते गए, उसे तमाम सुविधाएँ उपलब्ध कराते गए। ऐसे में यदि वह पाकिस्तान या किसी अन्य देश का जासूस होता तो कितनी ही संवेदनशील जानकारियाँ दूसरे देशों तक जा सकती थी।
लेकिन वो कहते है ना कि काठ की हाँडी बार-बार नहीं चढ़ती, तो बस 4 महीने बाद ख़ुफ़िया एजेंसियों को इस ठग पर शक हुआ और फिर एजेंसियों ने इसकी जानकारी इकट्ठा कर ठग की सारी जानकारी जम्मू- कश्मीर पुलिस को दी। तब वहाँ की सीआईडी ने श्रीनगर एयरपोर्ट से इस ठग को गिरफ्तार कर लिया।
हैरानी की बात ये है कि ख़ुफ़िया एजेंसी को अगर चार महीने बाद इस ठग का सुराग लगा, तो फिर ऐसी एजेंसियों का मतलब ही क्या रहा? फिलहाल इस ठग ने ये साबित कर दिया की हमारे देश की तमाम सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां देश की सुरक्षा के प्रति कितनी सजग व संवेदनशील है।