BCCI प्रेसीडेंट जय शाह को चिट्ठी लिख जोगिंदर शर्मा ने लिया क्रिकेट से संन्यास

2004 में वनडे मैच से भारतीय टीम के लिए अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले जोगिंदर शर्मा ने शुक्रवार, 3 फरवरी को अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा कह दिया। अपने वनडे और टी-20 करियर में महज 4-4 मकाबले ही खेलने वाले जोगिंदर शर्मा ने भारतीय टीम के 2007 टी-20 वर्ल्डकप जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा ने शुक्रवार को बीसीसीआई प्रेसीडेंट जय शाह को चिट्ठी लिखकर क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। उनका क्रिकेट करियर कुछ खास नहीं रहा है। शर्मा ने अपने करियर में कुल 8 मैच ही खेले हैं जिसमें से 4 मैच एकदिवसीय क्रिकेट में और 4 मैच T20 क्रिकेट में खेले हैं। उन्होने अपने करियर के चारों T20 मैच 2007 वर्ल्ड कप के दौरान खेले थे। जोगिंदर शर्मा द्वारा 2007 T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ किया गया अंतिम ओवर आज भी लोगों को याद है। महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्डकप जीतने के लिए अंतिम ओवर में 13 रन बचाने थे। पाकिस्तान के बल्लेबाज मिस्बाह उल हक उस समय 37 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जोगिंदर शर्मा को गेंदबाजी पर बुलाया। शर्मा ने ओवर की पहली गेंद वाइट फेंक दी, अब जीत के लिए पाकिस्तान को 1 ओवर में 12 रनों की जरूरत रह गयी। इसके बाद शर्मा ने अगली गेंद डॉट फेंकी, मैच की दूसरी गेंद पर मिस्बाह उल हक ने छक्का जड़ दिया। अब जीत के लिए पाकिस्तान को महज 6 रनों की जरूरत थी, लेकिन ओवर की तीसरी गेंद पर मिस्बाह उल हक श्रीसंत को कैच दे बैठे और भारत ने 5 रनों से यह मुकाबला जीत लिया और साथ ही पहली बार हुए टी-20 विश्वकप को भी अपने नाम कर लिया।

2007 टी-20 वर्ल्डकप के नायक जोगिंदर शर्मा वर्तमान में हरियाणा के हिसार जिले में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में तैनात हैं और देश की सेवा में अपना योगदान दें रहे हैं।