26 जून को राज्यपाल और राष्ट्रपति से मिलेंगे किसान, अपनी मांगो का रखेंगे प्रस्ताव

दिल्ली संवाददाता
देश में पिछले 6 महीने से चल रहे कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे मे ना तो किसान अपने घर वापस जा रहे हैं और ना ही आंदोलन को खत्म कर रहे हैं। इन सबके बीच लगातार किसान नेता राकेश टिकैत किसानों की अध्यक्षता करते नजर आ रहे है। उन्होंने सोमवार को ऐलान किया है कि सरकार अगर हमारी बात नहीं सुनती है, तो उनसे बड़े राज्यपाल और राष्ट्रपति हैं। हम अपनी मांग उनके पास लेकर जायेंगे और उनके माध्यम से अपनी बात कहेंगे, उन्होंने बताया कि 26 जून को किसान आंदोलन के कुछ प्रतिनिधि हर राज्य में राज्यपाल या उपराज्यपाल के पास जाएंगे, और मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों की जानकारी देते हुए ज्ञापन सौंपेंगे।
गौरतलब है कि 6 महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी किसान अभी आंदोलनरत हैं, वही सरकार पूरी तरह से खामोश है। किसानों और सरकार के बीच बैठकों का दौर चलने के बावजूद सहमति नहीं बन सकी। जिसकी वजह से अभी तक किसान सड़कों पर बैठे हैं। एक तरफ किसान दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के किसान टिकरी बॉर्डर पर लगातार डटे हुए हैं। इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी आंदोलन जारी है। इन सबके बावजूद भी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। जिसकी वजह से अब किसान संगठनों ने राज्यपाल और राष्ट्रपति से मिलने की ठानी है। अब ऐसे में क्या समाधान निकल कर आएगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।