हे ईश्वर ये तेरा कैसा इम्तेहान…डाक्टर ने जिस हॉस्पिटल को 50 साल दिए, वो हॉस्पिटल एक वेंटीलेटर नहीं दे पाया

कोरोना का भयावह रूप देश में ऐसी स्थिति में पहुंच गया है कि अब हम केवल और केवल ईश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि हे भगवान अब यह दुख और यह घड़ी यहीं पर समाप्त कर दीजिए। क्योंकि हम इंसानों से जो भूल हुई है उसका प्रायश्चित अब नहीं कर पाएंगे हम सब। दरअसल यह बातें हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जो खबर हम आपको बताने जा रहे हैं वो आप सब को झकझोर देगी। खबर है प्रयागराज से जहां पर प्रयागराज की एक मशहूर शख्सियत डॉक्टर जेके मिश्रा का आज निधन हो गया। बड़ी बात ये रही कि जिस अस्पताल में उन्होंने अपने जीवन के 50 साल ड्यूटी करने में लगा दिए अंत समय में वो अस्पताल उनको एक वेंटिलेटर तक मुहैया नहीं करा सका और डॉक्टर जेके मिश्रा ने अपनी बीवी की गोदी में तड़पते हुए दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक खबर के बाद लोगों के मन में बस एक ही सवाल है आखिर ईश्वर ये हम सबका कैसा इम्तेहान हैं।

आपको बता दें कि जेके मिश्रा 13 अप्रैल को ऑक्सीजन कम होने की वजह से काफी बीमार हो गए। जिसके बाद 16 अप्रैल को उन्हें प्रयागराज के सबसे बड़े हॉस्पिटल जहां पर उन्होंने अपने जीवन के 50 साल काम किए हैं मतलब स्वरूप रानी अस्पताल (SRN) में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर जाने की सलाह दी लेकिन इत्तेफाक ऐसा था कि 100 वेंटीलेटर बेड वाला हॉस्पिटल पूरी तरीके से भरा हुआ था। जिसमें गुंजाइश ही नहीं थी डॉक्टर जेके मिश्रा को एक वेंटीलेटर बेड दे दिया जाए। आखिर आज जेके मिश्रा ने कोरोना से लड़ते-लड़ते अपनी पत्नी डॉक्टर रमा मिश्रा के सामने ही दम तोड़ दिया।